May 18, 2024

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पटना रिजवान पैलेस को खाली कराने के लिए शिया वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष ने लिखा पत्र

PATNA: रिजवान पैलेस खाली कराने के लिए शिया वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आज़ाद ने जिलाधिकारी समेत तमाम जिम्मेदार अफसरों को लिखा पत्र, मौजूदा वन मॉल (नशेमन बिल्डिंग) है शिया वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति: इरशाद अली आज़ाद।

न्यूज़ डेस्क, पटना: बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड में निबंधित बहुमूल्य संपत्तियों में से एक में रिज़वान पैलेस जो पटना के डाकबंगला चौराहा के समीप स्थित है। ये संपत्ति हसन इमाम वक्फ इस्टेट पंजीयन संख्या 32-ए, पटना का एक बड़ा भाग है जो 29.04.1931 में रिजस्टर्ड डीड के माध्यम से स्व. हसन इमाम द्वारा वक्फ किया गया था। ये वक्फ भूमि लगभग 122 कट्ठे में है जो जिला प्रशासन की देखरेख में है, जहाँ अभी
लगभग 450 पुलिस जवान रह रहे हैं। बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आजाद ने बताया कि जिलाधिकारी, वक्फ सर्वेक्षण आयुक्त भी होता है और आजाद ने बताया कि जिला अधिकारी, वक्फ सर्वेक्षण आयुक्त भी होता है और और माननीय न्यायालय के आदेश का पालन कराना, वक्फ का सर्वे, सुरक्षा और अतिक्रमण मुक्त कराने में जिलाधिकारी की जवाबदेही फिक्स है।

बताते चलें कि रिजवान पैलेस पर लम्बे समय से भूमाफियाओं की नजर थी लेकिन लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने इस भूमि को हसन इमाम वक्फ इस्टेट की संपत्ति का भाग माना है जो बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड में निबंधित है।

टूटू इमाम वाद संख्या 10/88 द्वारा हजारीबाग कोर्ट से केस हार चुके हैं इसलिए यह संपत्ति टूटू इमाम की है ही नहीं और एम.जे.सी 596/05 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना ने वक्फ इस्टेट और बोर्ड के पक्ष में फैसला दिया है। बोर्ड ने जिलाधिकारी पटना को माननीय न्यायालय द्वारा आदेश का पालन करते हुए रिजवान बिल्डिंग खाली कराकर बोर्ड के हवाले करने के संबंध में पत्रांक 941, दिनांक 10.06.2020 द्वारा पत्र भेज दिया है जिसकी प्रति गृह सचिव, गृह विभाग, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बिहार सरकार पटना और वरीय आरक्षी अधीक्षक पटना को भी जरुरी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आजाद ने बताया कि हसन इमाम वक्फ इस्टेट की संपत्ति का एक बड़ा प्लॉट संख्या 161 जो अभी वन मॉल (नशेमन बिल्डिंग) है, को सैयद असकरी हादी अली को अगसटाईन इमाम (टूटू इमाम), पिता स्व. सैयद हसन इमाम, हजारीबाग ने मेसर्स श्री गणपति प्रॉपर्टी डेवलपर्स लि. के तत्कालीन डायरेक्टर राम रामशंकर सिंह, पिता विश्वनाथ सिंह, निवासी पाण्डेय पलाजा, एक्जीबीशन रोड पटना को अवैध रूप से बेच दिया है जिसका निबंधित दस्तावेज संख्या 27637, दिनांक 25.01.07 है। उक्त संपत्ति वक्फ होने के बावजूद सैयद हसन इमाम के पुत्र सैयद असकरी हादी अली अगसटाईन
इमाम द्वारा अवैध तरीके से बेच दी गई। 31 वर्ष वाद चलने के बाद अंततः एस.एल.पी. नं. 3701/07 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के डबल एवं फाईनल बेंच के आदेश और सीनियर सिविल जज-II हजारीबाग ने अपने आदेश टाईटल सूट नं. 10/88 दिनांक 27.09.18 द्वारा स्व. हसन इमाम द्वारा किये गये वक्फ को ही वैध माना है।

बता दें कि ज्ञात हो उक्त वक्फ संपत्ति प्लॉट सं. 161 को श्री गणपति प्रॉपर्टी डेवलपर्स लि0 के डायरेक्टर अमरनाथ पाण्डेय ने बुद्धा कॉलोनी पटना के जनार्द्धन प्रसाद पिता स्व. सुदर्शन प्रसाद सिन्हा को अवैध रूप से बेच दिया है जिसका निबंधन दस्तावेज 10017 बेच दिया है जिसका निबंधन दस्तावेज 10017 दिनांक 17.09.16 है और जिसके गवाहान राजेश कुमार पाण्डेय, पिता कृपा शंकर पाण्डेय बक्सर, सुभाष कुमार पिता स्व.योगेन्द्र यादव, वैशाली हैं। जबकि गणपति डेवलपर्स ने माननीय उच्च न्यायालय में रिक्वेस्ट केस नं. 46/19 में शपथ पत्र के माध्यम से यह स्वीकार किया है कि वन मॉल (नशेमन बिल्डिंग) वक्फ की सम्पत्ति है। इस लिए बोर्ड के अध्यक्ष ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई करने का काम किया है। आशा है कि सभी मामले जल्द ही निपट जायेंगे साथ ही जिला प्रशासन रिजवान पैलेस को खाली कराकर शिया वक्फ बोर्ड के हवाले करेगा।