April 23, 2024

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BJP की हार ? न सवर्ण, न पिछड़ों का मिला साथ ?

मुजफ्फरपुर के बोचहां उपचुनाव में एनडीए या यूं कहें की बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा  तो ये गलत नहीं होगा. उपचुनाव के गणित को अगर समझे तो आरजेडी के प्रत्याशी अमर पासवान को 82,547 मत मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी की बेबी कुमारी को 45,889 और वीआईपी की गीता कुमारी को 29,276 वोट मिले. इस तरह आरजेडी के उम्मीदवार अमर पासवान की 36,658 मतों से जीत हुई.

दूसरी तरह जिस वीआईपी पार्टी के विधायकों को बीजेपी ने पार्टी में शामिल कर उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया, वही वीआईपी के सुप्रीमो मुकेश सहनी अपनी हार को भूल बीजेपी की हार का जश्न मना रहे हैं. बीजेपी की करारी हार पर मुकेश सहनी ने मिठाई खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी. जाहिर है वीआईपी विधायक मुसाफिर पासवान के निधन के बाद इस सीट पर बीजेपी ने वीआईपी को दरकिनार किया और खुद बेबी कुमारी को मैदान में उतारा, ऐसे में ये उपचुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई हो गई थी, जिसे वो हार गई.  

आरजेडी ने उपचुनाव में ए टू जेड का फॉर्मूला आजमाया. अमर पासवान को टिकट देकर पासवान समाज का दिल जीता. तो पिछड़ों और अति पिछड़ों को भी अपनी ओर आकर्षित किया. साथ ही सवर्णों का भी साथ इसबार आरजेडी को मिला. आरजेडी का बीवाईएम समीकरण हिट करता नजर आया.  

बोचहां उपचुनाव के रिजल्ट आने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सजंय जायसवाल ने कहा कि जो जनादेश आया है वो स्वीकार है. बोचहां से विजयी प्रत्याशी अमर पासवान को बधाई और शुभकामनाएं. उन्होंने कहा कि इस परिणाम से पार्टी परेशान नहीं है, बोचहा परिणाम की समीक्षा की जाएगी. इसके बाद फिर आगे की रणनीति बनाई जाएगी.

वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी उपचुनाव के नतीजे पर कहा कि ये हमारी हार में भी जीत हुई है. हम 30,000 के आसपास वोट लेकर आए हैं. पूरी सरकार को उतारने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी चुनाव हार गई. लेकिन हमने जनता का दिल जीतने का काम किया.

उपचुनाव के नतीजों पर हम पार्टी सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी की ये गलती थी. टिकट एनडीए को ही मिलना चाहिए था. मुसाफिर पासवान वहां से विधायक थे. ये सब जानने के बावजूद बीजेपी ने नया एक्सपेरिमेंट किया और हार का सामना करना पड़ा.

बीजेपी के लिए ये हार बहुत कुछ सीख देकर गई है. जिस तरह ए टू जेड फॉर्मूला पर बीजेपी काम करती आई है उसी फॉर्मूला पर आरजेडी ने जीत हासिल की है. आम चुनाव में मिली इस जीत ने भविष्य की राजनीति के की दाव पेंच खोल कर रख दिए हैं. जिसमें आरजेडी के लिए एक नई राह और बीजेपी के लिए कई हिदायत छोड़ गई है.

ब्यूरो रिपोर्ट today24live